अपशकुन, लेकिन कुछ लोग मानते हैं कि बला टल गई
कांच का टूटना अपशकुन माना जाता है, पर मन को सांत्वना देने के लिए कहते हैं 'चलो घर की कोई बला टल गई'! 🥛